पुतिन आये भारत के यात्रा पर
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अपने लाव लश्कर के साथ भारत के दौरे पर आये है । यह दौरा भारत और रूस के लिए राजनीतिक और रणनीतिक दृष्टि को लेकर काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है । भारत के दौरे पर पुतिन का आना अंतरराष्ट्रीय स्तर के राजनीति को भी प्रभावित कर सकता है ।
भारत आने के पश्चात भारत देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और व्लादिमीर पुतिन के बीच औपचारिक मुलाकात से बात शुरू होगी । माना जा रहा है कि इस दौरे के दौरान ही दोनों देशों के बीच एस – 400 मिसाइल डिफेंस डील होने की भी संभावना जताई जा रही है ।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और भारत के संबंधों को लेकर इसका असर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका और भारत के संबंधों पर देखने को मिल सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि रूस के साथ अगर किसी भी प्रकार की डील की जाती है तो भारत और रूस को अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है। बताया जा रहा है व्लादिमीर पुतिन के साथ विदेश मंत्री सर्जेइ लावरोव भी आएंगे । मेहमान राष्ट्रपति और उनका पूरा महकमा प्रधानमंत्री के साथ भव्य रात्रि का भोजन कर सकते है ।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत आने से कई मुद्दों पर समझौते किए जा सकते हैं । डिफेंस के मामलों में समझौते के साथ ही भारत और रूस के बीच स्पेस को ऑपरेशन मैकेनिज्म पर भी अहम समझौता हो सकता है । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से सन् 2022 में चाँद पर मानव को भेजने के मिशन का ऐलान किया गया था इस समझौते के बाद मोदी का यह मिशन एक महत्वपूर्ण मिशन होगा ।
रक्षा विशेषज्ञों की माना जाए तो अमेरिका एयर डिफेंस सिस्टम को लेकर के काफी परेशान है। अमेरिका चाहता है कि भारत रूस एयर डिफेंस सिस्टम को क्रय ना करें। अमेरिका की चिंता इस बात को लेकर की है कि इस्तेमाल अमेरिकी फाइटर जेट्स के लिए उसकी क्षमताओं का परीक्षण करने के लिए किया जा सकता है । ऐसा माना जा रहा है कि इस सिस्टम के द्वारा भारत अमेरिकी जेट्स के डाटा का सिस्टम पता चल सकता है और अमेरिका इस बात से भी भय है कि यह डाटा दूसरे दुश्मन देशों को पास में ना चला जाए।

